येशु तुझे, ये तन मन धन मेरा , ग्रहण कर स्वीकार कर // Ye Tan Man Dhan Mera
ये तन मन धन मेरा मेरे प्रभु येशु के लिए
अब मैं जीवित नहीं वो मुझमें जीवित है
येशु तुझे अर्पण करुँ
सब कुछ मेरा अर्पण करुँ
ग्रहन कर स्विकार कर
मन मे मेरे हो तेरा घर -2
हे अब्बा तू चाहता ये संगी है जितने मेरे
सदा हि तुझमें रहे तेरे चरनो से लिपटे रहे
येशु तुझे अर्पण करुँ
सब कुछ मेरा अर्पण करुँ
ग्रहन कर स्विकार कर
मन मे मेरे हो तेरा घर -2
करतार के हाथ मे मैं मिट्टी कि मनिन्द हूँ
मुझे आकार देदो प्रभु
मैं तुझको समर्पित रहु -2
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