Ruhe Pak रुहे पाक खुदावंत 17.8.24
रहे पाक खुदवन्द तू आ
जान, जिस्म और रूह में तू बसजा
रहे पाक खुदवन्द तू आ
जान, जिस्म और रूह में तू बसजा
आ... आ... रूह आ
आ... आ... रूह आ
रूह आ रूह आ
रूह के शोले लपक लपक जब आते है
बंधन सारे टुटके गिरते जाते है
रूह के शोले लपक लपक जब आते है
बंधन सारे टुटके गिरते जाते है
आ... आ... रूह आ
आ... आ... रूह आ
रूह आ रूह आ
रहे पाक खुदवन्द तू आ
जान, जिस्म और रूह में तू बसजा
बारिश होगी रूहे पाक के बादल से
धूल जायेंगे मैले धब्बे अंदर से
बारिश होगी रूहे पाक के बादल से
धूल जायेंगे मैले धब्बे अंदर से
आ... आ... रूह आ
आ... आ... रूह आ
रूह आ रूह आ
रहे पाक खुदवन्द तू आ
जान, जिस्म और रूह में तू बसजा
आ... आ... रूह आ
आ... आ... रूह आ
रूह आ रूह आ
रहे पाक खुदवन्द तू आ
जान, जिस्म और रूह में तू बसजा
रूह की सूरत मैं येशु जब आएगा
तहश-नःश होगा शैतान गिर जाएगा
रूह की सूरत मैं येशु जब आएगा
तहश-नःश होगा शैतान गिर जाएगा
आ... आ... रूह आ
आ... आ... रूह आ
रूह आ रूह आ
रहे पाक खुदवन्द तू आ
जान, जिस्म और रूह में तू बसजा
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