मेरे मसीहा स्तुति हो Mere masiha Stuti ho
मेरे मसीहा स्तुति हो-2
हम्द ओ सन्ना करता रहू,
(परमेश्वर की स्तुति और प्रशंसा)
जब तक मैं जिंदा रहू-2
क्रिपा करने वाला, सदा तरस खाने वाला- 2
विलंब से क्रोध करने वाला,
प्रेम से भरा हुआ तू,
मेरे मसीहा स्तुति हो-2
हम्द ओ सन्ना करता रहू,
जब तक मैं जिंदा रहू-2
मेरे मसीहा….....
1) आदर महिमा तेरी
सदा तुझको मिलने पाये-2
आनंद के बलिदान चढ़ाते हम,
आराधना करते....
मेरे मसीहा स्तुति हो....
2) पुकारने वाले के,
संग रहने वाला सदा-2
आवाज सुनकर आजाद कर के,
आनंद देने वाला,
मेरे मसीहा स्तुति हो....
3) सृष्टि के पहले, मेरे कारण घायल हुआ-2
मृत्यु से मुझको नया जीवन दे कर,
नये तौर से सृष्टि की
मेरे मसीहा, स्तुति हो....
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