छू मुझे जैसा भी हु chhu mujhe jaisa bhi hu
छू मुझे जैसा भी हूँ अपनी हज़ूरी से
भर मुझे मेंरे मसीह अपनी मामूरी से
छू मुझे छू येसू ..........मुझे छू.....
1. मोती परस्तिश के चुनके तेरी नज़र मैं करूँ
बाहों मैं ले ले ख़ुदावंदये ही तमन्ना करूँ
सींच मुझे मेरे मसीहअ पनी मामूरी से
2. सोना चाहूँ ना मोतीते रा फ़ज़ल बस रहे
जीवन की रोटी है तू हीते रा रहम बस रहे
छांट मुझे मेरे मसीहअ पनी मामूरी से
3. सांसों मैं तेरी हो सांसे जीवन पवित्र रहे
पूजा करूँ पूरे दिल सेज जब तक यह सांस रहे
जाँच मुझे मेरे मसीह अपनी मामूरी से
Comments
Post a Comment