सदा मैं स्तुति करूँगा, sada mai stuti krunga
सदा मैं स्तुति करूँगा, सदा मैं सेवा करूँगा,
मुझे बचाया येशु ने, सदा मैं स्तुति करूँगा।
1. मुझे बचाने आया, जब मैं गुनाहों में था,
स्वर्ग को छोड़कर, जगत में आया मुझे बचाने को
सदा मैं स्तुति करूँगा, सदा मैं सेवा करूँगा,
मुझे बचाया येशु ने, सदा मैं स्तुति करूँगा।
2. प्रेमी प्रभु यीशु, बचाया तूने मुझे,
देता हूँ मैं सारा जीवन, सम्पूर्ण आनन्द से
सदा मैं स्तुति करूँगा, सदा मैं सेवा करूँगा,
मुझे बचाया येशु ने, सदा मैं स्तुति करूँगा।
3. जब में निराशा में था, तूने मुझे आशा दी,
जगत मै आया जीवन को दिया पवित्र प्रेमी यीशु
सदा मैं स्तुति करूँगा, सदा मैं सेवा करूँगा,
मुझे बचाया येशु ने, सदा मैं स्तुति करूँगा।
4. अनादि परमेश्वर, सच्चाई और जीवन है तू,
स्तुति प्रशंसा, करता रहूँगा, तेरे आने समय तक
सदा मैं स्तुति करूँगा, सदा मैं सेवा करूँगा,
मुझे बचाया येशु ने, सदा मैं स्तुति करूँगा।
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