जो वहां तेरे लिए मेरे लिए (2)
अब आओ प्यार से, अब आओ दर्द से अब आओ धोलो, अपने आप को मर्ज से अब आओ देखलो उस बहती धार को जो बताती है उसके प्यार को
अब आओ पापियो, अब आओ अधर्मियो अब आओ सारे संसार के जातियो अब आओ देखलो, क्या उसने हे किया है हमारा दर्द से लिया (2)
क्रूस पर जान उसने अपनी दी
मिल गयी हमें जिन्दगी नयी
याद कर उस बहते सोते को
जो वहां तेरे लिए मेरे लिए (2)
1. वह चलके गिर रहा, वह गिरके उठ रहा है चुपचाप वह, कुछ भी न कह रहा जो सहना था हमें पापी संसार में हैं खुदा का बेटा सह रहा
2. वह छेदे हाथ हैं वह काटों का ताज हैं वह लटका क्रूस पे और लगती प्यास हैं
वह कहता हैं पिता तू इनको माफ कर
धीरे से निकलती सांस हैं
क्रूस पर जान उसने अपनी दी
मिल गयी हमें जिन्दगी नयी
याद कर उस बहते सोते को
जो वहां तेरे लिए मेरे लिए (2)
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