अंगीकार/घोषणा के वचन // Declaration
भजन संहिता 18 अध्याय
हे परमेश्वर, हे मेरे बल, मैं तुझ से प्रेम करती हूं।यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसकी मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है।
मैं यहोवा को जो स्तुति के योग्य है पुकारूंगी; इस प्रकार मैं अपने शत्रुओं से बचाई जाऊंगी॥
अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारी; मैं ने अपने परमेश्वर की दोहाई दी। और उसने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी॥
उसने ऊपर से हाथ बढ़ाकर मुझे थाम लिया, और गहिरे जल में से खींच लिया।
उसने मुझे निकाल कर चौड़े स्थान में पहुंचाया, उसने मुझ को छुड़ाया,
तू ही मेरे दीपक को जलाता है; मेरा परमेश्वर यहोवा मेरे अन्धियारे को उजियाला कर देता है।
क्योंकि तेरी सहायता से मैं सेना पर धावा करती हूं; और अपने परमेश्वर की सहायता से शहरपनाह को लांघ जाती हूं।
यह वही ईश्वर है, जो सामर्थ से मेरा कटिबन्ध बान्धता है, और मेरे मार्ग को सिद्ध करता है।
वही मेरे पैरों को हरिणियों के पैरों के समान बनाता है, और मुझे मेरे ऊंचे स्थानों पर खड़ा करता है।
वह मेरे हाथों को युद्ध करना सिखाता है, इसलिये मेरी बाहों से पीतल का धनुष झुक जाता है।
तू ने मुझ को अपने बचाव की ढाल दी है, तू अपने दाहिने हाथ से मुझे सम्भाले हुए है,
तू ने मेरे पैरों के लिये स्थान चौड़ा कर दिया, और मेरे पैर नहीं फिसले।
मैं अपने शत्रुओं का पीछा करके उन्हें पकड़ लूंगी; और जब तक उनका अन्त न करूं तब तक न लौटूंगी।
मैं उन्हें ऐसा बेधूंगी कि वे उठ न सकेंगे; वे मेरे पांवों के नीचे गिर पड़ेंगे।
क्योंकि तू ने युद्ध के लिये मेरी कमर में शक्ति का पटुका बान्धा है; और मेरे विरोधियों को मेरे सम्मुख नीचा कर दिया।
तूने मेरे शत्रुओं की पीठ मेरी ओर फेर दी, ताकि मैं उन को काट डालूं जो मुझ से द्वेष रखते हैं।
यहोवा परमेश्वर जीवित है; मेरी चट्टान धन्य है; और मेरे मुक्तिदाता परमेश्वर की बड़ाई हो।
है मेरा पलटा लेने वाला ईश्वर! जिसने देश देश के लोगों को मेरे वश में कर दिया है;
और मुझे मेरे शत्रुओं से छुड़ाया है; तू मुझ को मेरे विरोधियों से ऊंचा करता, और उपद्रवी पुरूष से बचाता है॥
इस कारण मैं जाति जाति के साम्हने तेरा धन्यवाद करूंगी
, और तेरे नाम का भजन गाऊंगी।
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