कैसा तेरा प्यार है, कैसी है दया तेरी कैसा अनुग्रह तेरा kaisa tera pyar है
कैसा तेरा प्यार है, कैसी है दया तेरी
कैसा अनुग्रह तेरा
तू खुद कुर्बान हुआ, मुझे जीवन दे दिया
तू खुद कुचला गया, मैं चंगा हो गया
मैं जहाँ भी हूँ, तू वहाँ भी है
मैं जहाँ चलूँ, तू साथ मेरे चले......
1. इक ऐसे मोड़ पर, तू मुझे मिल गया
सूना सा जीवन मेरा, तेरे प्यार से फिर खिल गया
ए यहोवा जब मुझे, साथ तेरा मिला
जीवन ये मेरा खुशियों से खिला
मैं जहाँ भी हूँ, तू वहाँ.....
2. ममता से भरा, पाक यहोवा
जीवन भर मेरे, है अनुग्रह तेरा
तू चाहे जो, वो मैं करूँ
तू चाहे न जो, वो न करुँ
मैं जहाँ भी हूँ, तू वहाँ.....
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