दिल से, आराधना करू मैं Dil Se Aaradhna karu mai
Dil Se Aaradhna karu mai
❤ दिल से, आराधना करू मैं
इस ज़ूबा से, नाम तेरा ही लू मैं
पूरे दिल से, आराधना करू मैं
इस ज़ूबा से, नाम तेरा ही लू मैं
करता हू तेरा शुक्रिया मैं प्रभु
करता हू तेरा शुक्रिया मैं – (4)
तेरे फ़ज़ल से, तेरी दया से
लिपटा मैं रहता हू – (2)
मैं रहता हू – (2)
जब होता हू, बेचैन कभी
तेरी रूह तब मुझको थामती है
मेरी मुश्किलो में, हर एक दर्द और गम में
खुदवंद तू ही, मेरा शाफ़ी है – (2)
जब लेता हू, मैं नाम तेरा
तेरी सामर्थ को तब मैं देखता हू
तुझसे मिली, हर बरकत मुझे
महफूज़ तेरे, संग मैं रहता हू – (2)
करता हू तेरा शुक्रिया मैं प्रभु
करता हू तेरा शुक्रिया मैं – (4)
तेरे फ़ज़ल में, तेरी दया में
लिपटा मैं रहता हू – (2)
मैं रहता हू – (2)
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