Beet gai baate purani बीत गई बाते पुरानी Meri Pehchan Masiha hai मेरी पहचान मसीहा है
Meri Pehchan Masiha hai
बीत गई बाते पुरानी
थी जो जीवन की 2
मेरी पहचान मसीहा है, 4
1. पहले मैं था पापी
अब येशु बन गया साथी 2
दिया है मुझको माफी
वो है मेरा शाफी
मेरी जान.............मसीह है......
मेरी पहचान मसीहा है....4
2. मैं हु याजक मैं हु बेटा
भाई हु मै येशु मसीह का
ज्योति हु मै इस जगत का
राजा बनाया इस जहा का
कुछ न रहा अब बाकी........
पुरानी बाते बीत गई
जो भी था सब अतीत हुई
नया प्रेम की नई रीत हुई
हूं अब मैं एक सृष्टि नई
पहले कभी हारा हुआ निराश था
बार बार दुखों से परेशान था
दुनियां में मेरी न कोई पहचान था
जीवन मेरा पहले न आसान था
दुनियां के बातों में खो सा गया था
दुनिया के भीड़ में गुम सा गया था
मैं राह भूल गया था
सच से बहुत हो दूर गया था
जब से मसीह को जाना
जब से उसको प्रभु माना
दिल को उसने जब से छुआ
मेरे अंधेरों में प्रकाश हुआ
उजड़े मेरे आंगन में
यीशु का अब वास हुआ
मेरे पाप सब उसने माफ किया
मुझे एक पहचान दिया
मुझे एक नाम दिया।
बीत गई बातें पुरानी
थी जो जीवन की -2
मेरी पहचान मसीहा है -6
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