खूबी नहीं कोई मुझमें कोई khubi ni mujhme koi
खूबी नहीं कोई मुझमें कोई
तेरे फजल से आया हूं
टूटा सा मन रूह और बदन,
परस्तिश को करने लाया हूं
हाल्लेलुयाह हो सना .......
1. ऐ तख़्त-नशीं (तख्त पर विराजमान)
ऐ मेरे मसीह करता हूं
तेरी तमजीदों ताज़ीम (परमेश्वर मैं तेरी स्तुति करता हूँ)
मसकीनों (दोनों) का आका है तू,
शुकराना दिल से लाया हूं
हाल्लेलुयाह हो सना......
2. तू कमाल है बेमिसाल है,
औढ़े हुए कैसा जलाल है
रूह की कलम से लिखें हुए,
लबों पे तराने लाया हूं
हाल्लेलुयाह हो सना....
3. यहोवा यिरे बन मुहईयां करें तू,
घटियों को मेरी पूरी करें तू
शाह-ए-नूरानी (प्रकाश का बादशाह)
मेरे मसीह,
सजदे में सर को झुकाया हूं
टूटा सा मन रूह और बदन,
परस्तिश को करने लाया हूं
हाल्लेलुयाह हो सना .......
हाल्लेलुयाह हो सना.....
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