तेरे अनुग्रह से मिली माफ़ी है Tere Anugrah se mili
तेरे अनुग्रह से मिली माफ़ी है
खुदाया तु मुझे काफी है
1 न सांसे मेरी, न बल है मेरा
जो कुछ भी है पास, सब तेरा ही दिया
हर रोग मे तु बना शाफी है
खुदाया तु मुझे काफी है 2
2) गुनाहों के बोझो से लदी हुई थी
श्रापों से सारे, मैं दबी हुई थी
जब लाई इमान, तुझ पर खुदा
सारे इखों से आजाद हुई
मेरी राहों का तु बना साथी है.
खुदाया तु मुझे काफी है
तेरे अनुग्रह से मिली माफी है
खुदा
या तु मुझे काफी है
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