येशु मेरे येशु, मेरी आदत बन जा-आदत बन जा yeshu meri adat ban ja
येशु मेरे येशु,
मेरी आदत बन जा-आदत बन जा
बदल मुझे ज़िन्दगानी से मेरी,
अपना किस्सा सुना
येशु मेरे येशु हां येशु ......
1. मेरे दिन की शुरुआत हो तू ही,
मेरी रात हो तुझपे ख़तम
मैं बैठा रहूं खोजता हूं,
और तुझमें ही रहता मगन
येशु मेरे येशु,
मेरी आदत बन जा-आदत बन जा
बदल मुझे ज़िन्दगानी से मेरी,
अपना किस्सा सुना
2.वो पवित्रताई ही अलग है,
जो तुझसे मिली है ख़ुदा
ये सलीका है तुझसे मिलन का,
अब होना नहीं तुझसे जुदा
तुझसे हां तुझसे हां तुझसे हूं
मैं पाक सदा-पाक सदा
येशु मेरे येशु,
मेरी आदत बन जा-आदत बन जा
बदल मुझे ज़िन्दगानी से मेरी,
अपना किस्सा सुना
3. सेवा तेरी. करता रहूं मैं,
तेरे बातों को माना करूं.
दिल तुझसे तस्सली हैं पाता,
मैं तेरा हीं ध्यान करूं
दिल से हां दिल से
हां दिल से
तेरी गाऊं सना-गाऊं सनां
येशु मेरे येशु,
मेरी आदत बन जा-आदत बन जा
बदल मुझे ज़िन्दगानी से मेरी,
अपना किस्सा सुना
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