शुक्र अदा shukra ada
शुक्र अदा -2
करूँ मैं कैसे बता? -2
गुनाहों में नैय्या थी डूबी
तू रहबर की आवाज बना
जो उभरा है मझधार में से
तू उड़ने को पर दे गया -2
मेहरबां, मेहरबानियां है
दो आलम तेरा निशान है
मेहरबां, मेहरबानियां है
इनायत का पासवान है -2
शुक्र अदा, शुक्र अदा...
जो खुद पे जुल्म हमने ढाए
तो ईसा मसीह बन आये
दरिन्दे सी सीरत हमारी
वो मासूम क़ुर्बान हुए -2
मेहरबां, मेहरबानियां है
दो आलम तेरा निशान है
मेहरबां, मेहरबानियां है
इनायत का पासवान है -2
शुक्र अदा, शुक्र अदा...
शुक्र अदा-2 करूँ मैं कैसे बता? -4
हर जहां देखूं, तू ही दिखता है
हर पल तेरा, जिक्र करूँ -4
शुक्र अदा-2 करूँ मैं कैसे बता? -4.
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