और चाहिए और चाहिए Aur Chahiye Aur Chahiye
और चाहिए और चाहिए
तेरा जलाल हमे और चाहिए
अपनी कुवत में आ ,अपनी कुदरत में आ
अपनी रूह और जोर ओं जलाल में आ
तेरे रूह का मस्सा हमे और चाहिए
और चाहिए और चाहिए
रूह की मामुरी हमे और चाहिय
अपनी कुवत में आ ,अपनी कुदरत में आ
अपनी रूह और जोर ओं जलाल में आ
तेरे रूह का मस्सा हमे और चाहिए
और चाहिए और चाहिए
रूह का माहोल हमें और चाहिए
अपनी कुवत में आ ,अपनी कुदरत में आ
अपनी रूह और जोर ओं जलाल में आ
तेरे रूह का मस्सा हमे और चाहिए
शिफा की कुवत हमे और चाहिए,
तेरी ममुरी चाहिए,तेरा मोहोल चाहिए
तेरा जलाल चाहिए ,शिफा की कुवत चाहिए,
बंधन को तोड़े ऐसा जोर चाहिए
लहू का जोर चाहिए रूह की तलवार चाहिए
तेरे रूह का मस्सा हमे और चाहिए
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