बीते हुए कल को जो याद करु bite huye kal ko (beete hue kal )
बीते हुए कल को जो याद करु
पिता तेरा प्रेम नजर आए
आंसू मै पोछूं सवाल करूं
क्या खूबी थी मुझमें जो तूने भाए
पापा से ज्यादा प्यार किया
मा से भी ज्यादा दुलार दिया
न छोड़ा न छोड़ा न छोड़ा मुझे
अकेला कभी न छोड़ा मुझे ....2
1) शापित थी मै तो
दुख और निराशा में डूबी हुई थी
तू दौड़ आया गले से लगाया
सारे दुखों से आजाद हुई ....2
न छोड़ा न छोड़ा न छोड़ा मुझे
अकेला कभी न छोड़ा मुझे ....2
2) येशु तेरे प्रेम को
मैने जान लिया
छोड़ेगा न तो मुझको कभी
मैने मान लिया .....
माता पिता और भाई भी तू
मेरे जीवन की भलाई भी तू
एक ही चाहत है दिल की प्रभु
तेरे ही संग मै चलती रहूं..
तेरे ही संग मै चलती रहूं....
काटे थे पल जो मै याद करूं
पिता तेरा प्रेम नजर आए
आंसू मै पोछूं सवाल करूं
क्या खूबी थी मुझमें जो तूने भाए
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